तिब्बत क्षेत्र में कैलाश पर्वत का दृश्य
तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र · 6,638 मी.

कैलाश मानसरोवर
यात्रा 2026 - सम्पूर्ण गाइड

धरती की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक - भगवान शिव का दिव्य धाम, जो पांच वर्ष के विराम के बाद 2026 में फिर शुरू हुआ है।

6,638 मी.
कैलाश पर्वत ऊंचाई
4,590 मी.
मानसरोवर झील
52 किमी
कैलाश कोरा
मई-सितंबर
यात्रा सीजन

हिंदू आस्था में जितना आध्यात्मिक महत्व कैलाश का है, उतना शायद ही किसी अन्य तीर्थ का हो। यह वह पर्वत है जिसे कोई जीतना नहीं चाहता, बल्कि जिसके दर्शन से भीतर की यात्रा शुरू होती है।

कैलाश पर्वत (6,638 मी.) दक्षिण-पश्चिम तिब्बत में स्थित है और हिंदू, बौद्ध, जैन तथा बोन परंपराओं में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मानसरोवर झील (4,590 मी.), दुनिया की सबसे ऊंची मीठे पानी की झीलों में से एक है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसमें स्नान से जन्मों के पाप धुल जाते हैं।

भारत सरकार की आधिकारिक कैलाश यात्रा 2020 के बाद रुकी रही थी। 2026 में इसका फिर से शुरू होना उन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो कई वर्षों से इस अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे।

पांच वर्ष बाद यात्रा फिर शुरू

भारत और चीन के बीच सहमति के बाद 2026 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के पुनरारंभ की पुष्टि हुई है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बैच संरचना स्पष्ट की है, और नेपाल मार्ग के निजी ऑपरेटर भी बुकिंग ले रहे हैं।

यात्रा सीजन
मई - सितंबर 2026
जून और सितंबर में मौसम व दृश्य बेहतर
सरकारी बैच
कुल 15 बैच
5 लिपुलेख से और 10 नाथू ला से
MEA पंजीकरण
लॉटरी प्रणाली, आमतौर पर जनवरी-मार्च में खुलती है
अनुमानित लागत
INR 1.8L - 5.2L
सरकारी मार्ग सस्ते, निजी मार्ग अपेक्षाकृत महंगे
जल्दी योजना बनाएं - 2026 में मांग बहुत अधिक है

लंबी बंदी के बाद सीटों की तुलना में आवेदन अधिक रहने की संभावना है। दस्तावेज, स्वास्थ्य जांच और यात्रा तैयारी पहले से शुरू करें।

अपना रूट चुनें

सरकारी मार्ग - भारत
लिपुलेख दर्रा

पारंपरिक मार्ग, शारीरिक रूप से अधिक कठिन, और लॉटरी आधारित चयन।

सरकारी मार्ग - भारत
नाथू ला दर्रा

अधिकतर मोटरेबल मार्ग, कम ट्रेक और अपेक्षाकृत आसान पहुंच।

निजी मार्ग - नेपाल
काठमांडू के रास्ते

लॉटरी नहीं, निश्चित प्रस्थान, ओवरलैंड और हेलिकॉप्टर दोनों विकल्प।

काठमांडू से यात्रा क्रम

काठमांडू
आगमन, अनुकूलन और मंदिर दर्शन के बाद प्रस्थान।
सागा
मानसरोवर से पहले ऊंचाई के अनुकूलन का महत्वपूर्ण पड़ाव।
मानसरोवर झील
पवित्र स्नान, तर्पण अनुष्ठान और कैलाश के प्रथम दर्शन।
दारचेन और कोरा
कैलाश की 52 किमी परिक्रमा का आधार केंद्र।

कैलाश कोरा - 3 दिनों में 52 किमी

कोरा यात्रा का आध्यात्मिक केंद्र है, जिसकी ऊंचाई 4,575 मीटर से 5,630 मीटर तक जाती है। डोल्मा ला पास वाला दूसरा दिन सबसे कठिन माना जाता है।

दिन 1: दारचेन से दिरापुक
लगभग 20 किमी चढ़ाई; कैलाश के उत्तर मुख का पहला दृश्य।
दिन 2: डोल्मा ला पास
लगभग 22 किमी; 5,630 मीटर की ऊंचाई, सबसे कठिन दिन।
दिन 3: ज़ुथुलपुख से दारचेन
अंतिम अवरोहण और पूर्ण परिक्रमा का समापन।
MEA पात्रता संक्षेप
  • सरकारी मार्गों के लिए केवल भारतीय नागरिक पात्र।
  • आयु सीमा: 18 से 70 वर्ष।
  • BMI 27 या उससे कम होना चाहिए।
  • वैध पासपोर्ट और अनिवार्य मेडिकल फिटनेस क्लियरेंस आवश्यक।
सर्वश्रेष्ठ
जून
स्थिर मौसम और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण समय।
संभव
जुलाई-अगस्त
नेपाल मार्ग पर बारिश से बाधाएं संभव।
उत्कृष्ट
सितंबर
स्वच्छ आसमान और पर्वत दृश्य सबसे बेहतर।
तैयारी चेकलिस्ट
  • यात्रा से 2-3 महीने पहले कार्डियो और चढ़ाई अभ्यास शुरू करें।
  • ECG और फेफड़ों की जांच सहित पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराएं।
  • थर्मल लेयर, वाटरप्रूफ जैकेट और ट्रेकिंग पोल साथ रखें।
  • बीमा, पासपोर्ट और आवश्यक दवाएं पहले से व्यवस्थित रखें।

कैलाश यात्रा 2026 की योजना शुरू करें

MEA पंजीकरण करें या नेपाल रूट के स्लॉट समय रहते सुरक्षित करें।

MEA पर पंजीकरण करें