चार मंदिर। चार नदियाँ। ईश्वर के चार कोने। हर वर्ष जब हिमालय पिघलता है और दर्रे खुलते हैं, लाखों श्रद्धालु उस यात्रा पर निकलते हैं जिसे बारह सदियों पहले आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया था: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा।
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से बनी चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक है। 2026 में यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होती है और चारों धाम 23 अप्रैल तक खुल चुके होंगे।
चारों धाम कब खुलेंगे?
2026 के लिए चारों कपाट खुलने की तारीखें मंदिर समितियों द्वारा आधिकारित हैं।
पारंपरिक मार्ग का पहला धाम, 3,293 मी. पर; जानकी चट्टी से ट्रेक।
3,100 मी. पर सड़क से पहुँच; आगे गोमुख हिमनद तक मार्ग।
सबसे कठिन पड़ाव: गौरीकुंड से 16 किमी ट्रेक, हेलिकॉप्टर विकल्प।
अंतिम धाम सड़क से, 3,133 मी.; आमतौर पर सबसे लंबा खुला सीज़न।
घड़ी की दिशा में क्रम
क्लासिक क्रम है: यमुनोत्री → गंगोत्री → केदारनाथ → बद्रीनाथ।
- पंजीकरण 6 मार्च 2026 से शुरू
- आधिकारिक पोर्टल: registrationandtouristcare.uk.gov.in
- निःशुल्क पंजीकरण और QR कोड वाला ई-पास अनिवार्य
- प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर ऑफलाइन काउंटर भी उपलब्ध
इस वर्ष की मुख्य तारीखें
"पंजीकरण करने से आप वास्तविक समय की निगरानी प्रणाली में जुड़ जाते हैं, ताकि मौसम आपात स्थिति में मदद तेज़ी से पहुँच सके।"उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड
आज ही यात्रा की योजना शुरू करें
पंजीकरण निःशुल्क है और अभी खुला है। पीक सीज़न से पहले अपनी तारीखें सुरक्षित करें।
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